
हिंदू · 16 सितंबर 2027
पितृ पक्ष आरंभ
पूर्वजों को याद करने और उन्हें भोजन अर्पित करने (श्राद्ध) के पंद्रह दिन।
क्यों मनाया जाता है
भाद्रपद पूर्णिमा के बाद का कृष्ण पक्ष पितरों के लिए है — मान्यता है कि इन दिनों पूर्वज अपने परिवार के पास आते हैं।
इसके पीछे की कथा
दानवीर कर्ण मृत्यु के बाद स्वर्ग पहुँचे, तो उन्हें भोजन की जगह सोना-रत्न खाने को दिए गए। कारण पूछा तो बताया गया कि उन्होंने जीवन में सोना तो दान किया, पर पितरों को कभी भोजन नहीं दिया। तब उन्हें पंद्रह दिन के लिए धरती पर लौटकर पितरों को अन्न-जल देने की अनुमति मिली — यही पितृ पक्ष के दिन बने। हर पूर्वज को उनकी मृत्यु-तिथि पर याद किया जाता है।
कैसे मनाएँ
- तिल-जल से तर्पण और पिंडदान करें
- तिथि पर ब्राह्मण, गाय, कौए और कुत्ते को भोजन दें
- नई ख़रीदारी और उत्सव टालें
- आभार और दान से पूर्वजों को याद करें
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