
हिंदू · 24 नवंबर 2026
कार्तिक पूर्णिमा · देव दीपावली
देव दीपावली: वाराणसी के घाटों पर देवताओं की दिवाली; गुरु नानक जयंती भी।
क्यों मनाया जाता है
कार्तिक पूर्णिमा को मान्यता है कि देवता गंगा स्नान के लिए उतरते हैं; यह त्रिपुरारी पूर्णिमा और सिखों का गुरु नानक देव जी का गुरपुरब भी है।
इसके पीछे की कथा
भगवान शिव ने इसी दिन एक ही बाण से राक्षस त्रिपुरासुर के तीन उड़ते नगरों (त्रिपुर) का नाश किया, और देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया — इसलिए देव दीपावली। विष्णु का पहला अवतार मत्स्य भी आज ही प्रकट हुआ माना जाता है। वाराणसी के घाटों पर शाम को दस लाख से अधिक दीये जलते हैं।
कैसे मनाएँ
- भोर में पवित्र स्नान करें (कार्तिक स्नान)
- नदी में दीपदान करें या मंदिर में दीप जलाएँ
- अन्न और गरम कपड़े दान करें
- गुरु नानक गुरपुरब पर गुरुद्वारे जाएँ
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