जैन · 5 सितंबर 2027
दसलक्षण पर्व
दस धर्मों को समर्पित दस दिन (दिगंबर), अनंत चतुर्दशी पर समापन।
क्यों मनाया जाता है
भाद्रपद शुक्ल पंचमी से अनंत चतुर्दशी तक दिगंबर जैन दसलक्षण पर्व — “दस धर्मों का पर्व” — मनाते हैं, हर दिन एक धर्म।
इसके पीछे की कथा
दस उत्तम धर्म हैं: क्षमा, मार्दव (नम्रता), आर्जव (सरलता), शौच (पवित्रता), सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य (अपरिग्रह) और ब्रह्मचर्य। हर दिन एक धर्म की व्याख्या होती है और तत्त्वार्थ सूत्र का एक अध्याय पढ़ा जाता है। अनंत चतुर्दशी को बहुत लोग लंबे उपवास पूरे करते हैं, और पर्व क्षमावाणी के साथ समाप्त होता है।
कैसे मनाएँ
- रोज़ पूजा और प्रवचन में जाएँ
- उस दिन के धर्म का पालन करें
- हर दिन तत्त्वार्थ सूत्र का एक अध्याय पढ़ें
- सामर्थ्य के अनुसार उपवास करें; सादे भोजन से पारणा करें
इस कैलेंडर से और
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