Aryan — Noble warrior
Zara — Blooming flower
Vihaan — New dawn
Myra — Sweet beloved
Advait — Unique one
Aisha — Alive, prosperous
Rehan — Fragrant breeze
Pari — Fairy angel
Dhruv — North star
Anaya — Caring free soul
Kabir — The great one
Saanvi — Goddess Lakshmi
Riya — Singer graceful
Arjun — White silver
Layla — Night beauty
Vivaan — Full of life
Kyra — Sunlight
Ishaan — Lord of Sun
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हिंदू · 2053 · New Delhi

हिंदू त्योहार और व्रत कैलेंडर 2053

साल के सभी प्रमुख त्योहार, और हर एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, चतुर्थी, शिवरात्रि व संक्रांति — दिन-प्रतिदिन पंचांग से गणना, इस शहर के लिए: New Delhi.

किसी भी त्योहार या व्रत पर टैप करें — क्यों मनाया जाता है, उसकी कथा और कैसे मनाएँ, सब पढ़ें। कथाएँ सुन भी सकते हैं।

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जनवरी 2053

  1. 2गुरु
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    पौष
  2. 17शुक्र
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    पौष
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हिंदू त्योहार और व्रत · New Delhi — मुफ़्त, और कभी भी बंद कर सकते हैं।

आपको क्या चाहिए?

फ़रवरी 2053

  1. 1शनि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    माघ
  2. 15शनि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    माघ
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मार्च 2053

  1. 2रवि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    फाल्गुन
  2. 17सोम
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    फाल्गुन
  3. 31सोम
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    चैत्र
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अप्रैल 2053

  1. 16बुध
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    चैत्र
  2. 30बुध
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    वैशाख
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मई 2053

  1. 15गुरु
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    वैशाख
  2. 29गुरु
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    ज्येष्ठ
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जून 2053

  1. 14शनि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    ज्येष्ठ
  2. 28शनि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    अधिक आषाढ़
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जुलाई 2053

  1. 13रवि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    अधिक आषाढ़
  2. 27रवि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    आषाढ़
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अगस्त 2053

  1. 11सोम
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    आषाढ़
  2. 26मंगल
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    श्रावण
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सितंबर 2053

  1. 10बुध
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    श्रावण
  2. 25गुरु
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    भाद्रपद
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अक्टूबर 2053

  1. 9गुरु
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    भाद्रपद
  2. 24शुक्र
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    आश्विन
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नवंबर 2053

  1. 7शुक्र
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    आश्विन
  2. 23रवि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    कार्तिक
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दिसंबर 2053

  1. 7रवि
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    कार्तिक
  2. 23मंगल
    महीने में दो बार त्रयोदशी की संध्या पर शिव पूजा। कथा →
    मार्गशीर्ष
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तारीखें कैसे निकाली गईं

यह कैलेंडर किसी सूची से नकल नहीं, गणना से बना है: साल के हर दिन के लिए आपके शहर में सूर्योदय, मध्याह्न, अपराह्न, प्रदोष, चंद्रोदय और मध्यरात्रि की तिथि निकाली जाती है — उसी एफ़ेमेरिस से जिससे हमारी कुंडली बनती है।

त्योहार उस दिन माना जाता है जिस दिन सूर्योदय पर उसकी तिथि हो (उदया तिथि); परंपरा जहाँ कोई और समय देखती है, वहाँ वही समय लिया गया है: दिवाली, धनतेरस, प्रदोष और होलिका दहन — संध्या (प्रदोष); जन्माष्टमी और शिवरात्रि — मध्यरात्रि (निशीथ); करवा चौथ और संकष्टी — चंद्रोदय; राम नवमी और गणेश चतुर्थी — मध्याह्न; दशहरा और महा नवमी — अपराह्न। पूर्णिमा की संध्या पर भद्रा हो तो होलिका दहन अगली संध्या को।

मास अमांत (अमावस्या से अमावस्या) हैं; जिस मास में संक्रांति न हो वह अधिक मास है। उत्तर भारत में कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है (पूर्णिमांत) — त्योहारों की तारीखें वही रहती हैं। वैष्णव एकादशी और स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है; व्रत या संस्कार के लिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।

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